वरदराज भगवान् आविर्भाव कि कहानी

                                श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः

श्रीमन नारायण के पवित्र निवासों  (दिव्य देश) की प्रशंसा उनके भक्तों के लिए परमानंद है। उनका पवित्र आविर्भाव का इतिहास अपने आप में  उनके विश्वासियों के दुःखों कि औषधि है।

उस संदर्भ में, काँची का यह इतिहास और  प्रतिष्ठा – “सत्यवृथा क्षेत्र” के रूप में भी जाना जाते है और प्रतिष्ठित वरदराज भगवान भक्तों के लिए कभी नहीं समाप्त होने वाला अमृत हैं।

श्रीवैष्णव सम्प्रदाय सिद्धांतों और व्यवहारों  को फेसबुक पृष्ठों में प्रकाशित करते हुए, दास इस से पहले श्री पिळ्ळै उऱन्गाविल्लि दास का महत्व एक श्रिंखला के रूप में “मल्लनिन् माण्बु ” (मल्ल योद्धा का महत्व) के नाम से प्रकाशित किया था।

भक्तों से भारी समर्थन प्राप्त होने से प्रोत्साहित होके, दास ने अगली शृंखला कान्चि वरदराज भगवान् का महत्त्व समझाते हुए, “वरद वन्ध कदै” (वरदराज भगवान् आविर्भाव कि कहानी) के नाम से शुरू किया था। इस शृंखला में कान्चि के बहुत से पवित्र स्थानों को विस्तृत रूप से शामिल किया था। इस शृंखला को पढ़ने वालों से बढ़िया वृत्ति (संरक्षण) प्राप्त हुई है।

इस वरद प्रतिष्ठा कि पहुँच बेहतर करने और तमिल पाठकों से और आगे पहुचाने के लिए, ऊपर के विषयों का अनुवाद ज़रूरी हो गया था।

शुरू करने के लिए, हमने पाठकों में अधिकतम पहुच के लिए अंग्रेज़ी में अनुवाद करना चाहा I इसके लिए हम कुछ स्वयंसेवकों के पास पहुंचेI

दो स्वमीयों ने अंग्रेज़ी में अनुवाद करना साथ-साथ शुरू किया था I

श्रीमान उ वे आर एस रामानुजम स्वामी ने अनुवाद पहले संपूर्ण किया I  उन्होने इस अनुवाद के कार्य को बहुत ही उत्तम तरीके से कियाI

दास ने इस से पहले श्रीमान यु वे सारथी तोताद्रि स्वामि से अनुरोध किया था कि अंग्रेज़ी में भी अनुवाद करेI उन्होने श्रीमान उ वे तोताद्रि तिरुमलै स्वामी की मदद लेकर इस शृंखला का अनुवाद सम्पूर्ण किया, जो अभी इस वेबसाइट पर उपलब्ध हैI

अंग्रेज़ी का दो अनुवाद होना और कुछ नहीं बलकी दास का सौभाग्य हैI

वरदराज भगवान् का अनुग्रह प्रबल हो!

दास का  दिल से कृतज्ञता और प्रार्थना उन सभी स्वामियों की ओर जिन्होंने इस महान कार्य में सहयोग दिया हैI

अडियेन अक्कारक्कनि T A श्रीनिदि दासन् (हिन्दि अनुवाद – श्रीदेवी रामानुज दासि)

आधार – https://srivaishnavagranthams.wordpress.com/story-of-varadhas-emergence/

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